हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तेज, सड़कों पर 14 हजार टन कूड़े का अंबार…

Haryana

हरियाणा में निकाय सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब और तेज हो गई है। प्रदेशभर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और शहरों की सड़कों पर कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ ने हड़ताल को 14 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है, जिसके बाद आने वाले दिनों में लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में पिछले कई दिनों से सफाई कार्य ठप पड़ा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि करीब 14 हजार टन से ज्यादा कचरा सड़कों, गलियों और बाजारों में जमा हो चुका है। बढ़ती गर्मी के बीच फैली गंदगी से संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है।

सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप

हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारी लगातार सरकार को बातचीत और समाधान का समय दे रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द समाधान नहीं निकालती तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर होंगे।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब कॉलोनियों और मोहल्लों में जाकर जनता को सरकार की वादा खिलाफी के बारे में भी बताएंगे। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

शहरों में बिगड़ रही सफाई व्यवस्था

हड़ताल के कारण प्रदेश के कई शहरों में हालात बिगड़ने लगे हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से बदबू फैल रही है। नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी जमा होने लगी है। बाजारों और रिहायशी इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो हालात और खराब हो सकते हैं। खासकर गर्मी के मौसम में मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है।

सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

सफाई कर्मचारियों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग सभी कच्चे, ठेका और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को स्थायी किए जाने की है। कर्मचारी ठेका प्रथा खत्म कर विभागीय रोल पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।

इसके अलावा कर्मचारियों की मांगों में शामिल हैं

न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन
समान काम के लिए समान वेतन
60 प्रतिशत डीए और अन्य भत्ते
छंटनी किए गए कर्मचारियों की बहाली
दुर्घटना या मृत्यु पर मुआवजा
मृतक आश्रित को नौकरी
कैशलेस मेडिकल सुविधा
रिक्त पदों पर नियमित भर्ती
जनता पर बढ़ रहा असर

लगातार बढ़ती हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। बाजारों, कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर कूड़े के ढेर से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। लोगों ने सरकार और कर्मचारी संगठनों से जल्द समाधान निकालने की अपील की है ताकि शहरों की सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट सके।

क्या बोले कर्मचारी नेता?

कर्मचारी संघ का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिला है। यदि जल्द बातचीत नहीं हुई तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है.

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