चंडीगढ़ में मास्टर प्लान-2031 को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। इसी बीच शहर के व्यापारियों और छोटे दुकानदारों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए राहत की मांग उठाई है। उद्योग व्यापार मंडल (UVM) ने प्रशासन को पत्र लिखकर व्यापारियों के हित में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिन पर अब चर्चा तेज हो गई है।
बूथों पर दूसरी मंजिल की मांग तेज
शहर के व्यापारियों की सबसे बड़ी मांग यह है कि छोटे बूथों और दुकानों पर दूसरी मंजिल बनाने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि सीमित जगह और बढ़ते किराये के कारण व्यापार करना मुश्किल होता जा रहा है। यदि दूसरी मंजिल की अनुमति मिलती है, तो व्यापारी अपने कारोबार को बेहतर तरीके से बढ़ा सकेंगे।
भवन नियमों में बदलाव की जरूरत
व्यापार मंडल ने भवन निर्माण से जुड़े नियमों में भी संशोधन की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान नियम काफी सख्त हैं, जिससे छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सुझाव दिया गया है कि नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाया जाए ताकि व्यापारी आसानी से अपने व्यापारिक स्थान का उपयोग कर सकें।
छोटे उल्लंघनों के लिए माफी योजना की मांग
व्यापारियों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि छोटे-छोटे भवन उल्लंघनों के लिए एमनेस्टी (माफी) योजना लागू की जाए।
इससे पुराने मामलों का समाधान हो सकेगा और व्यापारियों को कानूनी जटिलताओं से राहत मिलेगी।
कॉर्नर बूथ धारकों का भी मुद्दा उठाया
कॉर्नर बूथ रखने वाले व्यापारियों ने अतिरिक्त साइड स्पेस के उपयोग की अनुमति देने की मांग की है।
उनका कहना है कि जब उनसे प्रीमियम लिया गया है, तो उन्हें साइड ओपनिंग, अतिरिक्त शटर या एंट्री की सुविधा भी मिलनी चाहिए। इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और बाजारों की उपयोगिता भी बढ़ेगी।
विशेष समिति गठन की मांग
उद्योग व्यापार मंडल ने प्रशासन से एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की है, जिसमें अधिकारियों के साथ व्यापारिक संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए।
इस समिति का उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालना होगा।
आर्थिक दबाव में छोटे व्यापारी
व्यापारियों का कहना है कि बढ़ते किराये, सीमित जगह, पार्किंग की समस्या और सख्त नियमों के कारण उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।
यदि मास्टर प्लान में उनके सुझाव शामिल किए जाते हैं, तो इससे हजारों छोटे व्यापारियों को राहत मिल सकती है।
क्या बदल सकता है शहर का भविष्य?
मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित बदलाव चंडीगढ़ के विकास को नई दिशा दे सकते हैं।
अगर व्यापारियों की मांगों को शामिल किया जाता है, तो शहर में व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और छोटे दुकानदारों को बड़ा सहारा मिलेगा।
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