चंडीगढ़: हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। राज्य के 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार से अधिक मतदाताओं को गणना प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित किए गए, जिनमें से 1 करोड़ 72 लाख 71 हजार 361 मतदाताओं ने अपने फॉर्म भरकर निर्वाचन विभाग को जमा करा दिए हैं। इस प्रक्रिया के दौरान 26 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां सामने आई हैं, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधारा जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि 31 जुलाई को प्रारंभिक (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 28 सितंबर तक मतदाताओं को अपने रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को ठीक कराने का अवसर मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। यदि बीएलओ (BLO) की जांच रिपोर्ट के बाद भी कोई मामला स्पष्ट नहीं होता है, तो संबंधित मतदाता को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, रिकॉर्ड में कई तरह की विसंगतियां सामने आई हैं। इनमें भाई-बहनों की जन्मतिथि में नौ महीने से कम का अंतर, माता-पिता और बच्चों की उम्र में असामान्य अंतर, वर्तमान और पुरानी मतदाता सूची में माता-पिता के नाम अलग होना, पति और पिता के नाम में बदलाव, तथा नाम की वर्तनी में अंतर जैसी त्रुटियां शामिल हैं। इन सभी मामलों की बीएलओ द्वारा विस्तृत जांच की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि करीब 18 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है। ऐसे मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस भेजा जाएगा। यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में फरीदाबाद, गुरुग्राम, अंबाला और पंचकूला शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं की मैपिंग अधूरी पाई गई है।
इसके अलावा 33 लाख 84 हजार 568 मतदाताओं के नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं। इनमें स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोग, मृत मतदाता, पहले से पंजीकृत मतदाता, अनुपस्थित पाए गए लोग और वे नागरिक शामिल हैं जिन्होंने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए। ऐसे मतदाता 31 जुलाई से 30 अगस्त के बीच दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। जिनका नाम सूची में नहीं होगा, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं। वहीं फॉर्म-7 नाम हटाने और फॉर्म-8 मतदाता विवरण में संशोधन के लिए उपलब्ध रहेगा। यह सुविधा ऑनलाइन भी प्रदान की जाएगी।
एसआईआर अभियान के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई जारी है। निर्वाचन विभाग के अनुसार अब तक पूरे हरियाणा में 54 बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि अन्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी है। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए अभियान के प्रत्येक चरण की लगातार निगरानी की जा रही है।
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