हरियाणा में बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड, सीजन का लोड 16,170 मेगावाट पहुंचा

Haryana

रोहतक: हरियाणा में मानसून की सुस्ती और लगातार पड़ रही गर्मी ने बिजली की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। प्रदेश में लगातार दूसरे दिन बिजली की अधिकतम मांग 16,000 मेगावाट के आंकड़े को पार करते हुए 16,170 मेगावाट तक पहुंच गई। वहीं पूरे दिन औसतन बिजली की मांग करीब 13,000 मेगावाट दर्ज की गई। बढ़ती खपत के कारण कई इलाकों में बिजली कटौती भी करनी पड़ रही है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली खपत

गर्मी और उमस के चलते प्रदेश में बिजली की खपत में भारी इजाफा हुआ है। एक ही दिन में 3,311.68 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई, जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है। बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रदेश को 3,413.99 लाख यूनिट बिजली की आवश्यकता थी, लेकिन उपलब्धता कम रहने के कारण 102.31 लाख यूनिट की कमी रही। इसी वजह से बिजली निगम को कई क्षेत्रों में लोड प्रबंधन के तहत कटौती करनी पड़ी।

शहरी क्षेत्रों में ज्यादा असर

बिजली कटौती का सबसे अधिक असर शहरी इलाकों में देखने को मिला, जहां शुक्रवार रात कई स्थानों पर अघोषित बिजली कट लगे। लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण बिजली आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बनाए रखना बिजली निगम के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि विभाग का कहना है कि मौसम में बदलाव आने पर बिजली की खपत में कमी आने की संभावना है।

बिजली बहाली के लिए तय की गई समय सीमा

बिजली विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहरी क्षेत्रों में बिजली बाधित होने पर अधिकतम दो घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही पूरे प्रदेश में बिजली कटौती की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार यदि निर्धारित समय सीमा से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए सभी फील्ड टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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