रोहतक: मासूम पर पिटबुल का कहर, मां-बेटी पर कानूनी शिकंजा; 100 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

Haryana

रोहतक: हरियाणा के रोहतक में मासूम दीपांशु पर हुए जानलेवा पिटबुल हमले के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुरानी सब्जी मंडी थाना पुलिस ने आरोपी मां-बेटी, शर्मिला और मुस्कान के खिलाफ अदालत में 100 पन्नों का आरोप पत्र (चार्जशीट) पेश किया है। इस दस्तावेज़ में घटना की भयावहता और मालिकों की घोर लापरवाही का कच्चा चिट्ठा खोला गया है।

सीसीटीवी और मेडिकल रिपोर्ट बने मुख्य आधार

पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी गई है। जांच अधिकारी एएसआई कुलदीप के अनुसार, इस केस को मजबूत बनाने के लिए निम्नलिखित सबूत शामिल किए गए हैं:

. CCTV फुटेज: घटना का वह वीडियो जिसमें कुत्ता दीपांशु पर हमला करता दिख रहा है।मेडिकल रिपोर्ट

. (MLC): रिपोर्ट के अनुसार, पिटबुल ने दीपांशु के पेट पर 10 से 12 गहरे घाव किए थे। नाभि के पास गहरे जख्मों की पुष्टि डॉक्टरों ने की है।

. चश्मदीद गवाह: दीपांशु के मामा संदीप और पड़ोसी विक्रम को मुख्य गवाह बनाया गया है।

. पंजीकरण का अभाव: जांच में खुलासा हुआ कि मालिकों ने नगर निगम में कुत्ते का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया था।

क्या हुआ था उस दिन? (घटनाक्रम)

22 मार्च की सुबह, बसंत विहार निवासी बैंक मैनेजर सुनील नेहरा के दो बेटे, दीपांशु (13) और पूर्व (7), लाढ़ौत रोड पर अपने मामा का इंतजार कर रहे थे। तभी अचानक पास के एक घर से दो पिटबुल बाहर निकले। एक कुत्ते ने छोटे भाई पूर्व पर हमला करने की कोशिश की, जिसे बचाने के लिए दीपांशु आगे आया। पिटबुल ने दीपांशु को जमीन पर पटक दिया और उसके पेट को बुरी तरह नोंच डाला।

कानूनी धाराएं और संभावित सजा

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

धारा विवरण संभावित

सजाधारा 291 पालतू पशु के प्रति लापरवाही (मानव जीवन को खतरा) 6 माह जेल या ₹5,000 जुर्माना

धारा 125 दूसरों के जीवन को संकट में डालना 3 माह जेल या ₹2,500 जुर्माना

सावधान! पालतू कुत्तों के लिए ये नियम हैं अनिवार्य

निगम के नियमों के अनुसार, यदि आप कुत्ता पालते हैं तो इन बातों का ध्यान रखना कानूनी रूप से जरूरी है:

. पंजीकरण: नगर निगम में हर साल पंजीकरण और रिन्यूअल अनिवार्य है।

. सुरक्षा: सार्वजनिक स्थान पर ले जाते समय कुत्ते के चेहरे पर मास्क (Muzzle) होना चाहिए।

. टीकाकरण: एंटी-रेबीज टीकाकरण और बधियाकरण के प्रमाण पत्र जरूरी हैं।

. नियंत्रण: खतरनाक नस्ल के कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर खुला छोड़ना दंडनीय अपराध है।

जांच अधिकारी का कथन: “हमने पुख्ता सबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें मेडिकल साक्ष्य और चश्मदीदों के बयान शामिल हैं ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।” – एएसआई कुलदीप

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