राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री को 2.6 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नशीले पदार्थ को सूटकेस में बनाई गई गुप्त कैविटी में छिपाकर भारत लाने की कोशिश की थी।
कस्टम अधिकारियों के अनुसार, 29 मई को बैंकॉक से इंडिगो की फ्लाइट 6E-1064 से दिल्ली पहुंचे एक भारतीय यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उसे ग्रीन चैनल पार करते समय रोका गया। पूछताछ और सामान की जांच के दौरान उसके सूटकेस में बेहद शातिराना तरीके से बनाई गई फॉल्स कैविटी का खुलासा हुआ।
सूटकेस के अंदर छिपाए गए थे वैक्यूम-सील पैकेट
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सूटकेस के ऊपरी और निचले हिस्से को काटकर विशेष गुप्त खांचे बनाए गए थे। जब इन खानों को खोला गया तो उनके भीतर से दो वैक्यूम-सील्ड पैकेट बरामद हुए, जिनमें हरे रंग का नशीला पदार्थ भरा हुआ था।प्राथमिक जांच में यह पदार्थ उच्च गुणवत्ता वाले हाइड्रोपोनिक गांजे के रूप में पहचाना गया। बरामद गांजे का कुल वजन 2.645 किलोग्राम पाया गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
कस्टम विभाग ने बरामद नशीले पदार्थ को जब्त कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मई महीने में 103 किलो से ज्यादा हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त
दिल्ली एयरपोर्ट पर मई माह के दौरान कस्टम विभाग ने हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी के चार बड़े मामलों का खुलासा किया है। इन मामलों में कुल 103 किलोग्राम से अधिक हाई-ग्रेड कैनबिस बरामद की गई है और पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मई माह के प्रमुख मामले
8 मई:
बैंकॉक से आए दो यात्रियों के सामान से 34.935 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद। दो आरोपी गिरफ्तार।
12 से 24 मई:
बैंकॉक फ्लाइट से आए एक बैग से 17.720 किलोग्राम गांजा बरामद। मामले में दो संदिग्ध जांच के दायरे में।
22 मई:
बैंकॉक से आए दो थाई नागरिकों के पास से 47.805 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद।
29 मई:
भारतीय यात्री के सूटकेस की फॉल्स कैविटी से 2.645 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, आरोपी गिरफ्तार।
कस्टम अधिकारियों के मुताबिक, हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे की तुलना में अधिक महंगा और उच्च गुणवत्ता वाला नशीला पदार्थ माना जाता है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है, जिसके चलते तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर भारत में इसकी तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं।
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