शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए राज्य के सभी पात्र कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य कर दिया है। नए निर्देशों के अनुसार, सभी इन-सर्विस शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बड़ा बदलाव
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि यह निर्णय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। अदालत ने शिक्षकों के लिए TET पास करने की समय-सीमा को बढ़ाकर अब तीन वर्ष कर दिया है, जिसके बाद नई अंतिम तिथि 31 अगस्त 2028 तय की गई है।
यह आदेश सिविल अपील संख्या 1385/2025 (अंजुमन एशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य) और 29 मई 2026 को पारित समीक्षा याचिका के आधार पर लागू किया गया है।
शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि TET पास न करने वाले शिक्षकों की सूची तैयार की जाए और उन्हें समय सीमा की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
इसके साथ ही जिला उपनिदेशकों, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी पात्र शिक्षक तय समय के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करें।
साल में दो बार होगी विशेष TET परीक्षा
नई व्यवस्था के तहत हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला के सहयोग से विशेष TET परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इन परीक्षाओं का आयोजन साल में कम से कम दो बार करने की योजना है ताकि सभी शिक्षकों को पर्याप्त अवसर मिल सके।
इसके अलावा परीक्षा कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक शिक्षक समय पर आवेदन कर सकें।
समय पर अनुपालन के निर्देश
शिक्षा विभाग ने इस पूरे मामले को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए स्कूल शिक्षा निदेशक को तुरंत कार्रवाई करने और अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार होगा।
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