दिल्ली मेट्रो के बाहर खत्म होगा जाम का जंजाल: ट्रैफिक पुलिस और DMRC का बड़ा एक्शन प्लान….

Delhi

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘दिल्ली मेट्रो’ के यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। मेट्रो स्टेशनों के बाहर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और ई-रिक्शा व ऑटो की अव्यवस्था को सुधारने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कमर कस ली है। विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) नीरज ठाकुर ने घोषणा की है कि जल्द ही ‘ऑपरेशन सर्कुलेशन’ के जरिए सड़कों को जाम मुक्त किया जाएगा।

क्या है ‘ऑपरेशन सर्कुलेशन’?

दिल्ली में कुल 303 मेट्रो स्टेशन हैं, जो लगभग 416 किलोमीटर के दायरे में फैले हुए हैं। अधिकांश स्टेशनों के बाहर ई-रिक्शा, ऑटो और ग्रामीण सेवा के वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। निश्चित स्टैंड न होने के कारण ये वाहन कहीं भी खड़े हो जाते हैं, जिससे पैदल चलने वालों और अन्य गाड़ियों के लिए रास्ता बंद हो जाता है।

ऑपरेशन सर्कुलेशन के मुख्य बिंदु:

. मेट्रो स्टेशनों का सर्वे: शनिवार से तीन दिवसीय विशेष सर्वे शुरू किया जा रहा है।
. संयुक्त टीम: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और DMRC के अधिकारी मिलकर ग्राउंड जीरो पर जाम के कारणों की जांच करेंगे।
. व्यवस्थित पार्किंग: सर्वे के आधार पर वाहनों के रुकने और सवारी बैठाने के लिए विशेष ‘सर्कुलेशन एरिया’ तय किए जाएंगे।

सर्वे में किन बातों पर रहेगा फोकस?

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में संयुक्त आयुक्त संजय त्यागी और मेट्रो अधिकारियों ने रोडमैप तैयार किया है। सर्वे के दौरान मुख्य रूप से इन समस्याओं को चिन्हित किया जाएगा:

  1. किन स्टेशनों पर ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या सबसे अधिक है?
  2. किस पॉइंट पर वाहनों के रुकने से ट्रैफिक की गति धीमी होती है?
  3. सड़क के किस हिस्से को स्टैंड के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि मुख्य रास्ता प्रभावित न हो।

आम जनता को कैसे होगा फायदा?

वर्तमान में, मेट्रो से उतरते ही यात्रियों को ई-रिक्शा और ऑटो की भीड़ का सामना करना पड़ता है। नए प्लान के लागू होने के बाद:

. आसान आवाजाही: मेट्रो स्टेशनों के गेट के पास भीड़ कम होगी।
. समय की बचत: जाम न होने से फीडर बसों और निजी वाहनों को निकलने में आसानी होगी।
. सुरक्षा: व्यवस्थित ट्रैफिक से सड़क दुर्घटनाओं के खतरे में कमी आएगी।

विशेष पुलिस आयुक्त नीरज ठाकुर के अनुसार: “हमारा उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों के आसपास के अराजक माहौल को खत्म करना है। सर्वे के बाद हर स्टेशन की जरूरत के हिसाब से एक कस्टमाइज्ड ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा।”

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