शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर कुदरत के तेवर कड़े होने वाले हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में आगामी 3 मई से 7 मई तक लगातार बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। सक्रिय होते पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण राज्य के मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि की आशंका है।
4 मई को ‘ऑरेंज अलर्ट’, तेज हवाओं का कहर
मौसम विभाग ने 4 मई के लिए प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान:
. 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी ओलावृष्टि और अंधड़ की चेतावनी दी गई है।
. 3 और 5 मई के लिए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
किसानों और बागवानों पर टूटा दुखों का पहाड़
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने हिमाचल के अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी है।
- फसलों की बर्बादी: सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से गेहूं और जौ की तैयार फसलें जमीन पर बिछ गई हैं।
- नकदी फसलें: टमाटर और शिमला मिर्च की नई पौध को भारी नुकसान पहुंचा है।
- फलों का नुकसान: प्लम, खुमानी और आड़ू के बगीचों में ओलों ने फलों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
प्रमुख क्षेत्रों का तापमान (न्यूनतम डिग्री सेल्सियस में)
शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तापमान कुछ इस प्रकार रहा:
शहर न्यूनतम तापमान (°C)
शिमला 13.5
मनाली 9.5
कल्पा 6.2
ऊना 18.8 (अधिकतम 35.0)
ताबो 4.9
पांवटा साहिब 21.0
आगामी दिनों के लिए सावधानी
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। ओलावृष्टि के दौरान खुले क्षेत्रों से बचने और बिजली के खंभों व पेड़ों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। 8 मई तक मौसम के पूरी तरह साफ होने की उम्मीद कम है।
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