उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण पहल का संकेत दिया है। राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने बताया कि शासन स्तर पर हुई बैठक में आंदोलनकारियों के विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए कैबिनेट की एक उप-समिति गठित करने पर सहमति बनी है। यह समिति संबंधित मामलों पर त्रिपक्षीय वार्ता कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
जानकारी के अनुसार, गृह सचिव शैलेश बगोली की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में यह तय किया गया कि प्रस्तावित कैबिनेट उप-समिति आंदोलनकारियों, शासन और संबंधित विभागों के बीच संवाद स्थापित कर समस्याओं का समाधान तलाशेगी। इसके बाद समिति की सिफारिशें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएंगी, ताकि लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जा सके।
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दों में राज्य आंदोलनकारियों का सभी जिलों में चिह्नीकरण, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ सभी पात्र आंदोलनकारियों तक पहुंचाना और वर्ष 2011-12 में चयनित लेकिन अब तक नियुक्ति से वंचित आंदोलनकारियों के मामलों पर चर्चा हुई। आंदोलनकारियों ने इन मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
इसके अलावा बैठक में अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के अलावा अन्य भर्ती संस्थाओं को भी कैबिनेट के आदेशों के दायरे में शामिल करने की मांग उठाई गई। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में आयु सीमा बढ़ाई जाए और प्रस्तावित समिति को पर्याप्त अधिकार दिए जाएं, ताकि वह प्रभावी ढंग से निर्णय लेकर लंबित मामलों का समाधान सुनिश्चित कर सके।
राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का कहना है कि यदि उप-समिति को अधिकार संपन्न बनाया जाता है तो वर्षों से लंबित कई मामलों का समाधान संभव हो सकेगा। परिषद ने उम्मीद जताई कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय करेगी।
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