नई दिल्ली: भारत अपनी विविध संस्कृति और परंपराओं के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है मंगलवार को देश के अलग-अलग हिस्सो में नव वर्ष और फसल उत्सव की धूम रही। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बैसाखी वह पुथडू और महा विशुबा पाना संक्रांति और महा विशुबा पाना संक्रांति की हार्दिक बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न भाषाओ और क्षेत्रीय भावनाओं का सम्मान करते हुए अपना संदेश साझा किया। उन्होंने भारत की विविधता में एकता के प्रतीक इन त्योहारों को नई शुरुआत समृद्धि की सूचक बताया।
प्रमुख त्योहार और उनका महत्व
देश के विभिन्न राज्यों में इन त्योहारों को अलग-अलग नाम और परंपराओं के साथ मनाया जाता है:
. बैसाखी (पंजाब): उत्तर भारत विशेष कर पंजाब में यह फसल कटाई के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसका सिख इतिहास में भी गहरा महत्व है लोग ढोल नगाड़ों और भांगड़ा के साथ अपनी खुशियां साझा करते हैं।
. पुथडू (तमिलनाडु): तमिल नव वर्ष की शुरुआत का प्रतिक है। तमिलनाडु मे लोग घरों को रंगोली ( कोलम ) से सजाते है और नए साल मे मंगल की कामना करते हैं।.
.महा विशुबा और पाना संक्रांति (ओडिशा): ओडिशा में इसे पारंपरिक नववर्ष के रूप में मनाया जाता है इस दिन विषेश पाना ( एक प्रकार का पेय ) बनाया जाता हैं और सुख समृद्धि की कामना की जाती हैं।
एकता और संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेशों में इस बात पर जोर दिया कि यह त्यौहार न केवल फसल कटाई के मौसम की शुरुआत है बल्कि हमारी साझा विरासत को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने कामना की कि यह नया साल सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली लेकर आए।
विभिन्न राज्यो के मुख्यमंत्री और गणमान्य हस्तियों ने भी नागरिकों को शुभकामनाएं दी, जो देश में आपसी भाईचारे और आशा की नई किरण को प्रदर्शित करता है। देशभर के मंदिरों और गुरुद्वारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जहां लोगों ने प्रार्थना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उत्सव का आनंद लिया।
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